विशाल खंडेलवालजिन्हें हम दुत्कारते हैं उसकी सेवा करना और पारिवारिक सदस्य के रूप में घर पर रखने में ही उसे तृप्ति मिलती है। सेवा के जिस सफर पर वे निकली है उसमें अपना करियर व रोजगार तक पीछे छोड़ चुकी हैं। बेजुबानों से किया वादा वे अपने सेवा के सफर में साथ लेकर चल रही है। आजीवन शादी