भारतीय राजनयिक ने यूएन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करते हुए कहा कि रिपोर्ट में जिस तरह से 2003 में सुरक्षा परिषद द्वारा डी-कंपनी और उसके सरगना को अल-कायदा से जोड़े जाने का जिक्र किया गया है, वह सच्चाई से परे है। भारत ने अपने जवाब में एकदम साफ तौर पर कहा कि दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद से भारत में वॉन्टेड अपराधी है और वह 2003 की लिस्टिंग से बहुत पहले ही भारत से फरार हो चुका था। देश से बाहर रहने के दौरान ही उसे अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन के साथ संबंधों के कारण यूएन की 1267 प्रतिबंध सूची में डाला गया था। आज भी वह भारत में एक वॉन्टेड क्रिमिनल है और संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक लिस्टिंग के मुताबिक वह उसी देश में रह रहा है जहां ओसामा बिन लादेन पाया गया था और मारा गया था।