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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक में राज्य और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। कांग्रेस ने 1967 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद तमिलनाडु की सत्ता से दूरी बना ली थी और अब लंबे समय बाद पार्टी फिर सरकार का हिस्सा बनी है