विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोचने-समझने और याद रखने की क्षमता में गिरावट तथा डिमेंशिया (मनोभ्रंश) का जोखिम कम करने के लिए नए वैश्विक दिशानिर्देश जारी किए हैं. संगठन के अनुसार, जीवनभर कुछ जोखिम कारकों में बदलाव करके डिमेंशिया के 45 प्रतिशत तक मामलों को रोका जा सकता है या बीमारी की शुरुआत टाली जा सकती है.