जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी हर 100 लीटर शुद्ध दूध में करीब 10 लीटर नकली (सिंथेटिक) दूध मिलाते थे। यानी दूध में लगभग 10 प्रतिशत मिलावट की जा रही थी। अधिकारियों का मानना है कि इसी तरीके से भूम के दूध संग्रह केंद्रों से महाराष्ट्र के कई इलाकों में करीब 2.3 करोड़ लीटर से ज्यादा मिलावटी दूध सप्लाई किया गया हो सकता है