अपराध की रोकथाम और आपराधिक न्याय पर संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा सम्मेलन शनिवार को अबू धाबी में शुरू हुआ, जहाँ देशों ने बदलते अपराधों से निपटने के लिए एक नई वैश्विक कार्ययोजना अपनाई. सम्मेलन में अन्तरराष्ट्रीय सहयोग मज़बूत करने और डिजिटल युग की नई चुनौतियों से मिलकर निपटने पर ज़ोर दिया गया.
अपराध रोकथाम और आपराधिक न्याय पर संयुक्त राष्ट्र की 15वीं कांग्रेस के उदघाटन पर सर्वसम्मति से अबू धाबी घोषणापत्र अपनाया गया. इसमें देशों ने साइबर अपराध, धोखाधड़ी और डिजिटल टैक्नॉलॉजी के आपराधिक इस्तेमाल जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने का संकल्प लिया.
घोषणापत्र में अपराध के बदलते तौर-तरीक़ों पर चिन्ता जताई गई है. अपराधी अब टैक्नॉलॉजी, सेवाओं और बुनियादी ढाँचे का दुरुपयोग कर रहे हैं. इनमें धन के बदले अपराध या हिंसा को अंजाम देने जैसी नई प्रवृत्तियाँ भी शामिल हैं, जिन्हें ‘सेवा के रूप में अपराध’ (Crime as a Service) और ‘सेवा के रूप में हिंसा’ (Violence as a Service) कहा जाता है.
देशों ने न्याय प्रणालियों को डिजिटल बनाने और आपराधिक न्याय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का अधिक इस्तेमाल करने का भी संकल्प लिया.
साथ ही, घोषणापत्र में ज़ोर दिया गया है कि टैक्नॉलॉजी के इस्तेमाल में मानवीय निगरानी, पारदर्शिता, उचित क़ानूनी प्रक्रिया और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.
संयुक्त राष्ट्र अपराध कांग्रेस को भेजे वीडियो सन्देश में उप महासचिव आमिना मोहम्मद ने कहा कि यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया बड़े बदलावों से गुज़र रही है.
उन्होंने कहा, “न्याय कोई विशेषाधिकार नहीं है. इसके तहत हर व्यक्ति की रक्षा होनी चाहिए, उसके अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए और कोई भी पीछे नहीं छूटना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस न्याय और क़ानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराने और उसे ठोस कार्रवाई में बदलने का अवसर है.
देशों को स्वैच्छिक ‘Pledge4Justice’ पहल के ज़रिये घोषणापत्र लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसके तहत सरकारें अपराध रोकथाम और आपराधिक न्याय के क्षेत्र में 2031 तक पूरे किए जाने वाले ठोस और समयबद्ध क़दमों की घोषणा कर रही हैं.
कांग्रेस का उदघाटन करते हुए संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) की कार्यकारी निदेशक मोनिका जूमा ने कहा कि यह सम्मेलन अपराध के बदलते स्वरूप से निपटने और अन्तरराष्ट्रीय सहयोग मज़बूत करने का अवसर है.
उन्होंने कहा, “आज दुनिया अबू धाबी में यह दोहराने के लिए एकजुट हुई है कि क़ानून का शासन और आपराधिक न्याय, लोगों एवं पृथ्वी की सुरक्षा के लिए ज़रूरी हैं. ऐसे समय में जब बहुपक्षवाद पर भरोसा कमज़ोर पड़ रहा है, अबू धाबी अन्तरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण बने.”
मोनिका जूमा ने कहा कि जापान के क्योटो में हुई पिछली कांग्रेस के पाँच वर्ष बाद दुनिया एक और अहम मोड़ पर है. टैक्नॉलॉजी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) असाधारण तेज़ी से विकसित हो रही हैं.
उन्होंने आगाह किया कि अरबों लोगों को जोड़ने वाले डिजिटल मंच अपराधियों को भी जोड़ सकते हैं. डिजिटल मुद्राओं से अवैध कमाई छिपाई जा सकती है, जबकि डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल धोखाधड़ी, हेरफेर और शोषण के लिए हो सकता है.
उन्होंने कहा कि टैक्नॉलॉजी न केवल अपराधों को अंजाम देना आसान बना रही है, बल्कि उनका स्वरूप भी बदल रही है. संगठित आपराधिक गिरोह देशों की सीमाओं और संस्थाओं की कमज़ोरियों का फ़ायदा उठा रहे हैं.
मोनिका जूमा ने प्रतिनिधियों से सबसे अधिक ख़तरे में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की. इनमें आपराधिक गिरोहों में भर्ती किए जा रहे बच्चे, घर या ऑनलाइन हिंसा झेल रही महिलाएँ, क़ानूनी सहायता से वंचित लोग और बेहतर भविष्य के झाँसे में धोखाधड़ी के नैटवर्क में फँसने वाले युवा शामिल हैं.
उन्होंने कहा, “आने वाले सप्ताह में हमारे प्रयासों की सफलता का पैमाना इन लोगों की सुरक्षा होनी चाहिए. यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धान्त होना चाहिए.”
उन्होंने बदलते ख़तरों से निपटने में सक्षम क़ानूनों और संस्थाओं, न्याय व क़ानूनी सहायता तक बेहतर पहुँच तथा ऐसी टैक्नॉलॉजी पर ज़ोर दिया, जो नुक़सान बढ़ाने के बजाय मानव कल्याण का ज़रिया बने.
मोनिका जूमा ने अबू धाबी घोषणापत्र को एक अहम शुरुआत बताया, लेकिन ज़ोर दिया कि इसकी सफलता इसे प्रभावी ढंग से लागू करने पर निर्भर करेगी.
संयुक्त अरब अमीरात की मेज़बानी में ‘डिजिटल युग में लोगों और पृथ्वी की सुरक्षा’ विषय पर आयोजित यह कांग्रेस 1 अक्टूबर तक चलेगी.
इसमें 119 देशों के प्रतिनिधि, 40 से अधिक न्याय मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. साथ ही, सरकारों, नागरिक समाज, शिक्षण संस्थानों और निजी क्षेत्र से कुल 5100 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं.
सम्मेलन के दौरान पूर्ण सत्र, कार्यशालाएँ, अन्य कार्यक्रम और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएँगी.
आयोजकों के अनुसार, इस बार संयुक्त राष्ट्र अपराध कांग्रेस में युवजन की भागेदारी पहले के मुक़ाबले सबसे अधिक है. वे कार्यशालाओं, विशेष ‘यूथ लैब’ और कला प्रदर्शनी में हिस्सा लेने के साथ-साथ सम्मेलन के बाद की कार्रवाई में भी योगदान दे रहे हैं. इससे पहले 24 और 25 सितम्बर को युवा मंच आयोजित किया गया था.
UNODC कांग्रेस के सचिवालय के रूप में काम कर रहा है और अबू धाबी घोषणापत्र को लागू करने में सहयोग करेगा.