Atul Subhash Suicide Case: बेंगलुरू में काम करने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की मौत ने भारत की न्यायपालिका और सिस्टम पर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। अतुल पर उनकी पत्नी और ससुरालवालों ने दहेज उत्पीड़न, अप्राकृतिक यौन शोषण सहित कई ऐसे आरोप लगाए जिसके कारण अतुल को लंबे समय तक जौनपुर के कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े और जब आखिरकार वो अंदर से ये लड़ाई हार गए तो 9 दिसंबर को खुद को खत्म करने का फैसला किया।
अतुल ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया और सुसाइड के पीछे की बड़ी वजह बताकर अपनी पत्नी और ससुरालवालों को उनकी मौत का जिम्मेदार ठहराया। गुरुवार को अतुल के पिता पवन मोदी और भाई बिकास मोदी ने रिपब्लिक भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत की। बात करते-करते अतुल के पिता भावुक हो गए और कैमरे के सामने ही रोने लगे। उन्होंने नम आंखों से अपने बेटे को इंसाफ दिलाने की मांग की।
अतुल सुभाष के पिता ने क्या कहा?
अतुल सुभाष के पिता ने रिपब्लिक भारत से कहा, ‘मेरा बेटा बहुत दिनों से घुट-घुटकर जी रहा था। हमें इसका तो अंदाजा नहीं था कि वो आत्महत्या कर लेगा लेकिन पिछले 2-3 महीनों से अंदर ही अंदर वो पूरी तरह से टूट गया था। हमलोग को डर था कि वो ऐसा कदम उठा सकता है।”
भगत सिंह से की बेटे की तुलना
अतुल सुभाष के पिता पवन मोदी ने अपने बेटे की तुलना भगत सिंह से की और कहा कि जैसे भगत सिंह देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए थे वैसे ही मेरे बेटे ने न्यायपालिका और कानूनी सिस्टम के लिए अपनी जान दी है। इतना बोलने के बाद अतुल के पिता फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने पीएम मोदी और नीतीश कुमार को संदेश दिया है।
पीएम मोदी से लगाई गुहार
अतुल सुभाष के पिता ने अपने बेटे को इंसाफ दिलाने की मांग की है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि मुझे पीएम मोदी पर पूरा भरोसा है कि वो मेरे बेटे को इंसाफ दिलाएंगे और उन्होंने कभी कुछ गलत नहीं होने दिया है। उन्होंने रिपब्लिक भारत से कहा कि मैंने अपने पोते का चेहरा भी नहीं देखा है और मैं चाहता हूं कि वो हमलोग के साथ रहे।
अतुल ने सुसाइड नोट में क्या लिखा?
अतुल ने अपने सुसाइड से पहले बनाए गए वीडियो में कोर्ट से इस बात की अपील की है कि उनके माता-पिता का कानूनी पचड़ों में फंसाकर शोषण न किया जाए। पत्नी निकिता के लिए आत्महत्या से पहले आखिरी मैसेज देते हुए लिखा था कि मेरे बच्चे की अच्छी परवरिश के लिए उसे मेरे माता-पिता को सौंप दे। अतुल ने अपने भाई को सख्त हिदायत दी थी कि बिना किसी कैमरे की मौजूदगी के मेरी पत्नी और उसके घरवालों से मुलाकात न करे। मेरा अस्थि विसर्जन तभी करना जब तक मुझे परेशान करने वालों को सजा न मिल जाए अगर मुझे न्याय नहीं मिलता है तो मेरी मौत के बाद मेरी अस्थियों को कोर्ट के सामने के गटर में बहा देना।
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