(खबरें अब आसान भाषा में)
इस साल बहुत तेजी से डॉलर के मुकाबले रुपया 90 से 95 के लेवल पर आया है। बीते एक दशक में संभवत: पहली बार रुपये में इतनी तेज गिरावट आई है। रुपये में इस गिरावट का असर सिर्फ इकोऩॉमी पर नहीं बल्कि आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगा