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छांगुर पीर लगातार लखनऊ जाकर अपनी पैरवी करता रहता था। खुद को और अपने लोगों को कानून से बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों से मेल-जोल बनाए हुए था। जलसों में वह पुलिस अधिकारी को चीफ गेस्ट बनाकर भी प्रचार करता था। पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा भी मानते हैं कि छांगुर की अपील से मतदान पर असर पड़ने लगा है