(खबरें अब आसान भाषा में)
संयुक्त राष्ट्र की दो प्रमुख मानवीय एजेंसियों ने आगाह किया है कि सूडान में युद्ध के लगभग तीन साल पूरे होने के बीच, चाड में शरण लेने वाले 10 लाख से अधिक सूडानी शरणार्थियों को भोजन, पानी, आश्रय, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल व जानलेवा कटौती के ख़तरे का सामना करना पड़ रहा है.