संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने आगाह किया है कि ग़ाज़ा में बच्चे न केवल भूख से दम तोड़ रहे हैं, बल्कि तमाम व्यवस्थाओं का ढाँचा पूरी तरह ध्वस्त होने के कारण भी बच्चे मौत के मुँह में जा रहे हैं. एजेंसियों का कहना है कि 96 प्रतिशत घरों में स्वच्छ पानी की कमी के कारण, बहुत से कुपोषित बच्चे, उपचार और देखभाल के लिए अस्पताल पहुँचाए जाने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं.