पिछले लगभग ढाई वर्षों के दौरान भीषण युद्ध में बुरी तरह तबाह हो चुके क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ाज़ा में, उधार के जूतों और उधार की ख़ुशियों के सहारे आयोजित किए जा रहे फ़ुटबॉल मैच, भीड़भाड़ वाले तम्बुओं, स्कूलों या क्षतिग्रस्त इमारतों में रह रहे हज़ारों लोगों को, ज़िन्दगी की कड़वी सच्चाई से कुछ देर के लिए राहत दे रहे हैं.