एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी फंड के पिछले रिटर्न को देखकर उसमें निवेश का फैसला करना समझदारी नहीं है। इसकी वजह यह है कि किसी फंड का पिछला रिटर्न भविष्य में उसके अच्छे प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता। इनवेस्टर्स को फंड के रिस्क प्रोफाइल, पोर्टफोलियो में शामिल शेयर अपने फाइनेंशियल गोल के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए।