(खबरें अब आसान भाषा में)
जहां एक तरफ जांच एजेंसियां सबूतों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ नेता और विशेषज्ञ इन दावों को महज अंधविश्वास बता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे दावे समाज में डर और भ्रम फैलाते हैं, खासकर महाराष्ट्र जैसे एक प्रगतिशील राज्य में।