घटनाक्रमों से भरपूर रहे 2024 ने रुपये की एक्सचेंज रेट को काफी प्रभावित किया। भारत की आर्थिक वृद्धि 2025 के लिए 6.5-7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह रुपये को सपोर्ट दे सकती है। 2025 में कई वैश्विक घटनाओं से मुद्रा बाजार के रुझान प्रभावित होने का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर्स के कारण डॉलर में अभूतपूर्व तेजी आई है