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महिला उद्यमियों को, आर्थिक बदलाव की शिल्पकार के रूप में मान्यता दिया जाना ज़रूरी है, ना कि उन्हें आर्थिक बदलाव की केवल लाभार्थी समझा जाए. मनामा घोषणापत्र में यह दृष्टिकोण केन्द्रीय सन्देश के रूप में उभारा है जिसे बीते सप्ताह बहरीन में, विश्व उद्यमी और निवेश मंच (WEIF) में अपनाया गया है.