इस साल की शुरुआत में Vodafone Idea ने 36,950 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम बकाया के एवज में सरकार को कंपनी में हिस्सेदारी दी थी। इससे सरकार 48.99% हिस्सेदारी के साथ कंपनी की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन गई। वोडाफोन आइडिया कह चुकी है कि AGR पर सरकार के सपोर्ट के बिना वह वित्त वर्ष 2025-26 से आगे काम नहीं कर पाएगी