नई दिल्ली. इंग्लैंड रवाना होने से पहले टीम इंडिया का नया टेस्ट कप्तान नियुक्त किए जाने के बाद शुभमन गिल पहली बार मीडिया के सामने आए, जहां उनके साथ हेड कोच गौतम गंभीर भी थे. इस दौरान गिल ने जहां अपनी कप्तानी और टीम की तैयारियों पर बात की तो गंभीर ने परिस्थितियों और बेंगलुरु हादसे पर भी जवाब दिया.प्रेशर हर टूर पर होता है. जीत का प्रेशर होता है. दो बड़े खिलाड़ी जो लंबे समय से खेल रहे थे, उन्होंने इतने मैच जिताए हैं. काफी मुश्किल होता है उनकी जगह भरना. कोई अलग प्रेशर नहीं है. सारे खिलाड़ी जानते हैं कैसे प्रेशर में जीतना है. हमारी टीम में बैटिंग और बॉलिंग कॉम्बिनेशन में जो जा रहे हैं हम उससे कॉन्फिडेंट हैं. गिल ने कहा कि जब मुझे पता चला कि मैं टेस्ट कप्तानी करने वाला हूं, मुझे बहुत ही अच्छा महसूस हुआ. ये एक बड़ा चैलेंज है. हमारे पास समय है, 10 दिन का कैंप है लंदन में. बैटिंग ऑर्डर उस हिसाब से तय होगा. गंभीर ने कहा कि बुमराह कौन से तीन मैच खेलेंगे ये हमने कोई बात नहीं की है. ये सीरीज के हिसाब से होगा. गेंदबाज़ी पर बात करते हुए कोच ने कहा कि इंग्लैंड में मैदान ही नहीं आसमान भी मैटर करता है, 1000 रन बना देना जीत की गारंटी नहीं है. 20 विकेट लोगे तो ही जीतोगे.