दक्षिण भारत के दो चेहरे आमने-सामने हैं, जिससे क्षेत्रीय दलों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है। वहीं अगर उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया की बात करें, तो इसके लिए दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को मिलाकर इलेक्टोरल कॉलेज बनाया जाता है। राष्ट्रपति चुनाव के उलट, उपराष्ट्रपति चुनाव में विधायकों की कोई भूमिका नहीं होती है