UP NEWS: प्रयागराज में छात्रों के चार दिनों के प्रदर्शन के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने अपना फैसला वापस ले ही लिया। सीएम योगी के हस्तक्षेप के बाद आयोग ने छात्रों की मांग को मानते हुए अपने पुराने आदेश के वापस ले लिया। अब प्रारंभिक परीक्षा एक दिन एक शिफ्ट में ही होगी। परीक्षा की तारीखों का जल्द ऐलान होगा।
इसके साथ ही आरओ/एआरओ (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 (RO/ARO (Preliminary) Exam-2023) को आयोग ने स्थगित करने का फैसला लिया है। आयोग ने आरओ/एआरओ (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 के लिए समिति के गठन का ऐलान किया है। समिति सभी पहलुओं पर विचार कर जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी।
समझदार युवा है, सरकार इन्हें झुनझुना नहीं पकड़ा सकती- अखिलेश यादव
UPPSC के फैसला वापस लेने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। सपा प्रमुख ने कहा, “भाजपा सरकार को चुनावी गणित समझ आते ही जब अपनी हार सामने दिखाई दी तो वो पीछे तो हटी पर उसका घमंड बीच में आ गया है, इसीलिए वो आधी मांग ही मान रही है। अभ्यर्थियों की जीत होगी। ये आज के समझदार युवा है, सरकार इन्हें झुनझुना नहीं पकड़ा सकती।”
सीएम योगी की पहल पर आयोग ने वापस लिया फैसला
अधिकारियों ने प्रदर्शनकरी छात्रों से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। जिसके बाद पूरे मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हस्तक्षेप करते हुए आयोग को छात्रों के साथ संवाद और समन्वय बनाकर आवश्यक आयोग से छात्रों के हितों में फैसले के लिए कहा। सीएम योगी की पहल के बाद आयोग ने अपना फैसला वापस ले लिया और छात्रों की एक दिन एक शिफ्ट में पेपर की मांग को मान स्वीकार कर लिया।
आरओ/एआरओ की परीक्षा स्थगित
वहीं आरओ/एआरओ (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 को आयोग ने स्थगित करने का फैसला लिया है। आयोग ने आरओ/एआरओ (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 के लिए समिति के गठन का ऐलान किया है। समिति सभी पहलुओं पर विचार कर जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी।
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