UP News: एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूपी के सभी पुलिस कप्तान और जिला प्रशासनों के लिए जारी यह आदेश 16 सितंबर के इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले के अनुपालन में लिया गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, आरोपियों की जाति अब पुलिस रजिस्टरों, केस डिटेल्स, गिरफ्तारी दस्तावेजों या पुलिस थानों के नोटिस बोर्ड पर दर्ज नहीं की जानी चाहिए