Manish Kashyap Murder : उत्तर प्रदेश से अपराध की एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसमें आरोपियों ने इंसानियत को शर्मसार कर, महज कुछ पैसे ऐंठने के लिए मनीष को मौत के घाट उतार दिया, बरेली के एस एस पी अनुराग आर्य ने मामले में अपहरण की पुष्टि की है। बरेली में लापता लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप का कंकाल बरामद हुआ है। लेखपाल का अपहरण फिरौती वसूलने के लिए किया गया था और फिरौती न मिलने के चलते लेखपाल की गला दबाकर हत्या करने के बाद उनकी लाश को नाले में फेंक दिया गया था। फिलहाल पुलिस ने हिरासत में लिए गए अपहरण कर्ताओं की निशानदेही पर मनीष चंद कश्यप का कंकाल बरामद कर लिया है।
हिरासत में लिए गए अपहरण कर्ताओं से पुलिस की पूछताछ जारी है। दूसरी तरफ मनीष की मां मोरकली, पत्नी जमुना देवी ने आरोप लगाया है कि सरकारी जमीन घोटाले में साथ नहीं देने पर अफसरों और दबंगों ने हत्या करा दी। उनका कहना है कि मनीष के अपहरण और हत्या में इन्हीं लोगों का हाथ है। इससे पहले जब उनके लापता होने की शिकायत लेकर जब तहसील के अफसरों और पुलिस के पास गए थे तो कोई सुनवाई नहीं हुई थी।
मनीष का मिला नर कंकाल, इलाके में हड़कंप
मनीष का कंकाल मिलने के साथ ही अब कई सवाल खड़े हो गए हैं। बरेली जिला की बहेड़ी थाना इलाके के रहने वाले लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप बरेली की ही फरीदपुर थाना इलाके की फरीदपुर तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात थे, मनीष चंद्र कश्यप ने लेखपाल पिता की मृत्यु के बाद मृतक आश्रित में परिवार के पालन पोषण के लिए नौकरी पाई थी। मनीष चंद्र कश्यप घर में इकलौते कमाने वाले थे। परिवार का पूरा जिम्मा लेखपाल मनीष के ही कंधों पर ही था। लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप बीती 27 नवंबर को फरीदपुर तहसील ड्यूटी पर गए और तहसील से लापता हो गए थे, जिसके बाद नाले से उनका शव अब बरामद किया गया।
स्थानीय लोगों में बढ़ा आक्रोश
फिलहाल पुलिस ने नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है। बरेली पुलिस ने बताया कि घटना के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लेखपाल के लापता होने और उनकी मौत के पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा। वहीं, इस घटना ने इलाके के लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग मांग कर रहे हैं कि इस घोटाले और मनीष की हत्या की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए।
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