(खबरें अब आसान भाषा में)
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने कहा है कि इसराइली संसद द्वारा ग़ाज़ा में फ़लस्तीनी शरणार्थियों की सहायता के लिए मुख्य सहायता एजेंसी पर पाबन्दी लगाने का क़ानून यदि लागू किया गया, तो इसके घातक नतीजे होंगे.