भारत में बजट तैयार करने की प्रक्रिया जटिल होती है, जिसमें कई महीनों का समय लगता है। वित्त मंत्रालय सभी मंत्रालयों से खर्च का अनुमान मांगता है, फिर उनका मिलाजुला खाका तैयार करता है। जनवरी में विशेषज्ञों से सलाह ली जाती है, और फिर 1 फरवरी को बजट संसद में पेश किया जाता है। 2017 का बजट खास था क्योंकि रेल बजट को आम बजट में शामिल किया गया और पेश करने की तारीख भी बदलकर 1 फरवरी की गई