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खंबाटा का लेटर यह साफ करता है कि वह मौजूदा विवाद को कंट्रोल के लिए लड़ाई के बजाय मामले को गलत तरीके से पेश किए जाने का नतीजा मानते हैं। लेटर से पता चलता है कि टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को लेकर चिंताओं ने पिछले कुछ महीनों में टाटा ट्रस्ट्स के अंदर चर्चा को तेज कर दिया था