उन्होंने आगे कहा- मैं यह बात बार-बार कहना चाहती हूं। महिलाओं के शरीर का मकसद सिर्फ सेक्सुअलाइजेशन या ग्लैमर के लिए कपड़े टांगने का जरिया बनना नहीं है।" उन्होंने आगे कहा, "बच्चे के जन्म के बाद मैंने 'बाउंस बैक' न करने का फैसला किया। क्योंकि एक बार जब आप माता-पिता बन जाते हैं तो आप पीछे नहीं लौट सकते। आप जिंदगी भर माता-पिता ही रहते हैं। जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है और यह ठीक है। बेशक हम अपनी पुरानी जिंदगी, अपने युवा और आजाद रूप और अपने पतले और सुडौल शरीर को याद करते हैं, लेकिन बिना सोचे-समझे अपने युवा और पतले रूप को ही आदर्श मानते रहना—अपने शरीर पर 'बाउंस बैक' करने या अतीत के उन रूपों में फिट होने का दबाव डालना जो अब नहीं रहे—एक तरह की क्रूरता है।"