ADR ने अपनी याचिका में कहा है कि आयोग को यह साफ करना चाहिए कि बिहार के जिन 65 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं, क्या वे मर चुके हैं, स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, या किसी दूसरे कारण से हटाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह भी कहा कि वह यह जानकारी सिर्फ अदालत में नहीं, बल्कि याचिकाकर्ता संस्था ADR को भी दे