(खबरें अब आसान भाषा में)
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर में अभी भी काफी ‘हेडरूम’ यानी बढ़त की गुंजाइश बची है। क्रेडिट ग्रोथ बहुत मजबूत है और बैंकों के एनपीए (NPA) ऑल-टाइम लो पर हैं। ऐसे में कुछ प्राइवेट और कुछ सरकारी बैंकों में निवेश के मौके दिख रहे हैं