Sensex F&O Expiry: डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के दिन को लेकर ट्रेडर्स खास स्ट्रैटेजी अपनाते हैं। एक्सपायरी के दिन कॉन्ट्रैक्ट्स का कैश सेटलमेंट होता है यानी कि अब इसे आगे फारवर्ड नहीं कर सकते हैं। ऐसे में अगर F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) का कोई कॉल या पुट लिया है और उसकी एक्सपायरी का दिन गया और आपने ध्यान नहीं दिया तो तगड़ा झटका लग सकता है