Sambhal Violence: संभल हिंसा में जामा मस्जिद के सदर जफर अली के बयान के बाद मामला और गरमा गया। जफर अली ने कहा था कि मैंने खुद पुलिस को फायरिंग करते देखा है। हालांकि, संभल के डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया ने जफर अली के आरोप से साफ इनकार कर दिया है। इसके साथ ही उसकी गिरफ्तारी से भी मना किया।
संभल डीएम डॉ राजेंद्र पेंसिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जफर अली के पुलिस-प्रशासन पर सर्वे की सूचना नहीं देने के आरोपों को नकारते हुए कहा, “जामा मस्जिद कमेटी के प्रमुख जफर अली ने एक भ्रामक बयान दिया है जिसमें कहा गया है कि उन्हें (मस्जिद के) सर्वेक्षण के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। अदालत का आदेश दोपहर 2.38 बजे (24 नवंबर को) आया और फिर हम शाम 5-5.30 बजे मस्जिद पहुंचे। एडवोकेट कमिश्नर के आदेश की एक प्रति प्राप्त हुई और उन्होंने उस पर हस्ताक्षर किए… जफर साहब ने कहा कि उन्होंने पुलिस की फायरिंग देखी। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वह सर्वेक्षण करने में व्यस्त थे या गोलीबारी देख रहे थे। वह 10:30-10:45 बजे के बीच सर्वेक्षण करवा रहे थे। जबकि यह सब 10:00-11:00 बजे के बीच हुआ।”
विरोधाभासी है जफर अली का बयान: संभल DM
संभल हिंसा पर डीएम संभल डॉ राजेंद्र पेंसिया ने कहा, “अपने ताजा बयान में जफर अली ने कहा है कि उन्होंने पुलिस को अपने हथियार इस्तेमाल करते देखा, फिर उन्होंने कहा कि पुलिस देसी हथियार इस्तेमाल कर रही थी और बाद में कहा कि उन्हें नहीं पता कि पुलिस ने कौन से हथियार इस्तेमाल किए। सबसे भ्रामक बात जो उन्होंने कही वो ये कि ‘वजू’ टैंक का पानी खाली किया गया। जफर साहब ने ये भी कहा कि हर शुक्रवार को इसका पानी खाली किया जाता है। असलियत में वजू टैंक की सिर्फ फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी होनी थी। वहां कोई माप-तोल नहीं किया गया। उन्होंने ये भी कहा कि डीएम ने सर्वे की अनुमति दी, जो कि गलत है क्योंकि मैंने कभी किसी सर्वे की अनुमति नहीं दी। उनके बयान विरोधाभासी हैं।”
क्या था जफर अली का बयान?
दरअसल, हिंसा के बाद जफर अली ने मीडिया में बयान दिया था, “ये सब वजू टैंक से पानी निकालने की प्रशासन की जिद के कारण हुआ। एसडीएम संभल ने वजू टैंक से पानी खाली कराने पर जोर दिया। एसपी व डीएम ने कहा कि डंडे से मापी करायी जाये। पानी निकलते ही लोगों को यह लगा कि बिना पूर्व सूचना के मस्जिद के अंदर खुदाई चल रही है।”
जफर अली ने पुलिस पर लगा दिए आरोप
जफर अली ने आरोप लगाते हुए कहा, “हमने मस्जिद से लोगों से शांति बरतने की अपील की। ये सब संभल के एसडीएम और सीओ की वजह से हुआ। जब लोगों ने सीओ से पूछा कि अंदर क्या हो रहा है, तो उन्होंने गाली-गलौच की और लाठीचार्ज का आदेश दे दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी सवाल पूछ रहा है उसे गोली मार दी जाएगी. एसडीएम और सीओ संभल ने दहशत फैलाई… भीड़ बेकाबू हो गई, क्योंकि उन्हें लगा कि खुदाई चल रही है। कुछ भी स्पष्ट करने वाला कोई नहीं था।”