सलमान ने आगे बताया- "उन्होंने मेरे पिता से पांच साल तक बात नहीं की। जब सोहेल का जन्म हुआ तो मेरे नाना माहिम से बांद्रा मिठाई लेकर आए। उन्हें इस बात का बहुत पछतावा था कि वे अपने नाती-पोतों को बड़े होते हुए नहीं देख पाए और इतने अच्छे इंसान से बात नहीं कर पाए, क्योंकि उनके मन में कुछ बातें थीं। यह पछतावा उनके आखिरी सांस तक रहा। एक-दो बार जब मम्मी-पापा के बीच झगड़ा हुआ और मम्मी अपने मायके चली गईं तो नाना ने उन्हें घर के अंदर नहीं आने दिया। उन्होंने कहा- 'अपने घर वापस जाओ। तुम कभी भी आ सकती हो, लेकिन लड़-झगड़ कर यहां नहीं आ सकतीं।'"