(खबरें अब आसान भाषा में)
RSS नेता सुनील आंबेडकर ने सवालों का जवाब देते हुए आंबेडकर ने कहा कि “भारत माता की जय” जैसे नारे किसी पर थोपे नहीं जाते। उनका कहना था कि यह भावना खुद युवाओं के भीतर से आती है। अगर ऐसा जबरदस्ती होता, तो संगठन इतना लंबा सफर तय नहीं कर पाता