रेलिगेयर ब्रोकिंग का मानना है कि Jio प्लेटफॉर्म्स की प्रस्तावित लिस्टिंग, रिलायंस इंडस्ट्रीज की री-रेटिंग के लिए एक बड़ा ट्रिगर साबित हो सकती है। इससे कंपनी के सबसे बड़ी ग्रोथ एसेट के लिए एक स्वतंत्र मार्केट वैल्यूएशन तय होगा और समूह के 'सम-ऑफ-द-पार्ट्स' (SOTP) वैल्यूएशन में पारदर्शिता आएगी। ब्रोकरेज ने RIL को 'बाय' (खरीदने) की रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 1,696 रुपये तय किया है। गुरुवार के 1,207 रुपये के ट्रेडिंग प्राइस के हिसाब से इसमें लगभग 40.5 प्रतिशत की बढ़त की संभावना है। रेलिगेयर का कहना है कि जियो की स्वतंत्र प्राइस डिस्कवरी से RIL स्टॉक के लिए 'होल्डिंग-कंपनी डिस्काउंट' को कम करने में मदद मिल सकती है। ब्रोकरेज की सलाह है कि जियो के मार्केट में लिस्ट होने का इंतज़ार करने के बजाय,उसकी लिस्टिंग से पहले ही RIL के शेयर जमा कर लेने चाहिए।