रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि आरबीआई ने एनर्जी की बढ़ती लागत का मुख्य कारण प्रतिकूल बेस इफेक्ट को बताया है,साथ ही साथ कमज़ोर दक्षिण-पश्चिम मानसून, अल नीनो की और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों से उत्पन्न सप्लाई की कमी के असर को भी इसका कारण माना है। भारतीय कंपनियों, विशेषकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बढ़ते लागत के दबाव को भी सप्लाई साइड महंगाई के लगातार बने रहने के प्रमाण के रूप में पेश किया गया है।