3 जून की रात को RCB की जीत के साथ ही बेंगलुरु की सड़कों पर रातभर जश्न चला, जिसे पुलिस ने मैनेज किया। अगले ही दिन फिर विधानसभा के बाहर टीम के खिलाड़ियों का सम्मान समारोह और उसके 2 Km के दायरे में चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक और इवेंट… 24 घंटे से भी कम समय में एक साथ इतने बड़े आयोजनों को मैनेज करने से पहले ही पुलिस थक चुकी थी और न उसे तैयारियों का पर्याप्त समय मिला