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RBI का प्लान कंपनियों की फॉरेन बॉरोइंग लिमिट को उनके फाइनेंशियल स्ट्रेंथ से लिंक करने का है। साथ ही इस तरह से ज्यादातर कर्ज पर कॉस्ट की लिमिट हटा दी जाएगी। केंद्रीय बैंक के नए कदम से कंपनियां 1 अरब डॉलर या अपने नेटवर्थ का 300 फीसदी, दोनों में जो कम होगा तक विदेश से कर्ज जुटा सकेंगी