अक्तूबर में डॉलर के मुकाबले रुपया 87-88 की रेंज में था। इसके बाद रुपये में गिरावट शुरू हो गई। इसमें फॉरेन इनवेस्टर्स की इंडियन मार्केट्स में बिकवाली का हाथ है। पिछले हफ्ते डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 91 के पार चला गया था। उसके बाद आरबीआई को इसे और गिरने से बचाने के लिए हस्तक्षेप करने को मजबूर होना पड़ा