R.Bharat द्वारा आयोजित ‘सनातन सम्मेलन’ में अध्यात्म, राष्ट्रवाद और संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। इस भव्य मंच पर देश के नामी संतों और विचारकों ने शिरकत की, जिसमें पीठाधिश्वर बालकानंद जी महाराज मौजूद थे।अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने न केवल सनातन धर्म की प्राचीनता और उस