Promoters Selling: मार्च 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक एनएसई पर लिस्टेड कंपनियों में प्राइवेट प्रमोटर शेयरहोल्डिंग तिमाही आधार पर 41.09 फीसदी से गिरकर 40.81 फीसदी पर आ गया। यह कई साल का निचला स्तर है। खास बात ये है कि कई बिक्री तो प्रमोटर्स ने भारी डिस्काउंट पर की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाई मूल्यांकन के बावजूद यह बिकवाली खतरे का संकेत है। जानिए एक्सपर्ट्स का रुझान क्या है?