महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहली बार गूगल नेविगेशन का उपयोग किया जा सकेगा। गूगल और महाकुंभ मेला प्राधिकरण के बीच नेविगेशन सुविधा के लिए MoU साइन हुआ है, जिसके तहत गूगल ने अपनी पॉलिसी में बदलाव करते हुए अस्थायी शहर को नेविगेशन के लिए इंटीग्रेट किया है।
महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए घाट, मंदिर, अखाड़े या किसी भी स्थान तक पहुंचना अब और भी आसान होगा। यह सुविधा नवंबर के अंत या दिसंबर के पहले सप्ताह से मिलने लगेगी, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को रास्ता खोजने में सहूलियत होगी।
गूगल नेवीगेशन से आसान होगी राह
नेवीगेशन को सरल शब्दों में कहें तो किसी स्थान पर ले जाने वाले रास्ते की विस्तृत जानकारी को कंप्यूटर या मोबाइल की भाषा में नेवीगेशन और मार्गदर्शन कहा जाता है। पुराने समय में लोग कागजी नक्शे या लोगों से पूछकर अपने गंतव्य की ओर जाते थे, लेकिन आधुनिक दौर में गूगल नेवीगेशन के माध्यम से यह काम अत्यंत आसान हो गया है। यह नेवीगेटर आपको न सिर्फ स्थान का पूरा नक्शा दिखाते हैं, बल्कि कब कहां मुड़ना है, इसकी भी विस्तृत जानकारी देते हैं। गूगल सामान्य तौर पर पूरी दुनिया में बसे शहरों का नेवीगेशन देता है, लेकिन पहली बार उसने किसी अस्थायी शहर के लिए यह सुविधा प्रदान करने पर सहमति दी है। इसमें वह यहां की प्रमुख सड़कों, धार्मिक स्थलों, घाटों, अखाड़ों समेत प्रमुख संतों के स्थलों की जानकारी प्रदान करेगा।
करोड़ों श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
अपर मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर लोगों का समागम होता है, लेकिन गूगल ने आज तक किसी अस्थायी कार्यक्रम के लिए नेवीगेशन की अनुमति नहीं दी है। यह पहली बार है कि गूगल ने महाकुंभ की भव्यता और यहां जुटने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए अपनी पॉलिसी बदलते हुए महाकुंभ मेला क्षेत्र को अपने नेवीगेशन मैप में इंटीग्रेट किया है। गूगल और मेला प्राधिकरण के बीच हुए इस समझौते से यहां प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान आने वाले करीब 45 करोड़ से ज्यादा देशी-विदेशी श्रद्धालुओं को इस तकनीक का फायदा मिलेगा और वह आसानी से अपने गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे।