राजनीतिक अभियानों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल की पहल से लेकर छात्रों की चिंता के पलों में उनसे सीधे बात करने तक, रेडियो के जरिए राष्ट्र को संबोधित करने से लेकर सीमाओं पर तैनात सैनिकों के साथ त्योहार मनाने तक, उनकी जुड़ाव शैली पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़ती है। यह एक ऐसा दृष्टिकोण है, जो भावनात्मक संबंध पर आधारित है, जो उन्हें भारत के “प्रधान सेवक” के रूप में उनकी सार्वजनिक छवि को आकार देने में लगातर मदद करता है