PM DHARA योजना को जमीन पर उतारने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी। राज्यों की बिजली ट्रांसमिशन कंपनियां (STUs) इस योजना को लागू करने वाली मुख्य नोडल एजेंसियां होंगी। नई ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण तैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के जरिए प्राइवेट और पब्लिक ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा किया जाएगा, जो इन एसेट्स का संचालन और रखरखाव भी करेंगे। मौजूदा ग्रिड नेटवर्क को आधुनिक बनाने और अपग्रेड करने का काम कॉस्ट-प्लस आधार पर किया जाएगा।