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Paryushan Parv 2025: जैन धर्म के अनुयायियों के लिए पर्युषण पर्व आत्मनिरीक्षण, तपस्या और संयम की अवधि के रूप में मनाया जाता है। इसमें वे अपने मन, वचन और कर्म की शुद्धि करते हैं। पर्यूषण के शाब्दिक अर्थ को ‘अपने भीतर ठहरना’ से जोड़ा जाता है।