अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “अपनी बात प्रारंभ करने से पहले मैं आप सबसे प्रार्थना करना चाहता हूं, आप जहां हैं, वहीं अपने स्थान पर बैठकर ही 22 अप्रैल को जिन परिवारजनों को हमने खोया है, उनको श्रद्धाजंलि देने के लिए हम कुछ पल का मौन रखेंगे।” इसके बाद उन्होंने मंच पर हाथ जोड़कर और आंख बंद कर मौन धारण किया