ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के भरतपुर पुलिस थाने में सेना के मेजर की मंगेतर से मारपीट और कथित यौन उत्पीड़न का मामला धीरे-धीरे तुल पकड़ता जा रहा है। मामले में अब तक 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, अब घटना पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही 60 दिनों के भीतर मामले की जांच रिपोर्ट भी पेश करने के को कहा है।
सीएम माझी ने रविवार को घटना की ज्यूडिशयल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई करेगी। दोष साबित होने पर अधिकारियों पर भी कड़े एक्शन लिए जाएंगे। सरकार ने हाईकोर्ट से भी क्राइम ब्रांच की जांच की निगरानी करने का अनुरोध किया है।
CM माझी ने न्यायिक जांच के आदेश
CMO ओडिशा ने एक नोटिस जारी कर बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भरतपुर पुलिस स्टेशन की घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। उक्त जांच न्यायाधीश न्यायमूर्ति चित्तरंजन दास द्वारा की जाएगी। आयोग को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया है…संबंधित पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया है। घटना में शामिल युवकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
कौन करेगा मामले की पूरी जांच?
राज्य सरकार ने ओडिशा उच्च न्यायालय से भी ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा द्वारा की जा रही जांच की निगरानी करने का अनुरोध किया है। माझी ने कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार भारतीय सेना का सम्मान करती है। सीएमओ द्वारा जारी बयान में रविवार शाम को कहा गया है, राज्य सरकार महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों को लेकर चिंतित है।
पुलिस थाने के पांच पुलिसकर्मी निलंबित
बता दें कि ओडिशा सरकार ने मामले में अब तक भरतपुर पुलिस थाने के पांच कर्मियों को निलंबित कर दिया है और सेना अधिकारी को प्रताड़ित करने तथा उनकी मंगेतर का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया है। यह घटना 15 सितंबर की है जब पश्चिम बंगाल में तैनात सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर ‘रोड रेज’ की एक शिकायत दर्ज कराने भरतपुर पुलिस थाने पहुंचे थे जब कुछ स्थानीय युवकों ने उनसे कथित तौर पर मारपीट की थी।
पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर दोनों का पुलिसकर्मियों से विवाद हो गया, जिसके बाद सैन्य अधिकारी और उनकी मंगेतर से थाने में दुर्व्यवहार किया गया। बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने मामले की अदालत की निगरानी में विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने और न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। वहीं, घटना के विरोध में विपक्षी दल BJD ने 24 सितंबर को भुवनेश्वर बंद का भी आह्वान किया है।
यह भी पढ़ें: सुल्तानपुर लूटकांड: मंगेश यादव के बाद एक और आरोपी का एनकाउंटर