(खबरें अब आसान भाषा में)
NSE में अभी लगभग 195,000 शेयरहोल्डर हैं, जिनके पास कुल मिलाकर एक्सचेंज का 100 प्रतिशत हिस्सा है। चौहान ने कहा कि लिस्टिंग से शेयरहोल्डर्स के लिए ज्यादा पार्टिसिपेशन और लिक्विडिटी बढ़ती है। पब्लिक लिस्टिंग से ट्रांसपेरेंसी और गवर्नेंस मजबूत हो सकता है