केपी ओली को नेपाल के बड़े नेताओं में सबसे ज्यादा चीन-समर्थक माना जाता रहा है। जुलाई 2024 में सत्ता में लौटने के बाद उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा चीन से शुरू की थी। इसके कुछ ही महीनों बाद, दिसंबर में, उन्होंने बेल्ट एंड रोड (BRO) सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसे बीजिंग ने नेपाल को ‘लैंड-लिंक्ड’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया