रूपेश पटेल (Rupesh Patel) ने कहा कि साल के पहले 6 महीने काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। न्यूज फ्लो, जियो-पॉलिटिकल टेंशन का असर देखने को मिला। हालांकि अब मार्केट करेक्शन से उभर चुका है । बाजार को टाइम करना हमेशा मुश्किल रहा है। सरकार की फिस्कल पॉलिसी पॉजिटिव है। RBI मॉनेटरी पॉलिसी का असर देखने को मिला