RBI MPC द्वारा रेपो दर को 5.5% पर बरकरार रखने से बाजार को सपोर्ट मिला। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और ग्लोबल इक्विटी में लौटी मजबूती से भी बाजार को सहारा मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में स्थिरता और इंडिया VIX में गिरावट से निकट भविष्य में अस्थिरता घटने के संकेत मिले हैं, जिससे जोखिम उठाने की भावना में बढ़त देखने को मिली