(खबरें अब आसान भाषा में)
हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी संस्थागत निवेशक कैश मार्केट में वापसी करते दिखे। हालांकि उनकी वायदा बाजार की पोजीशन शॉर्ट-हैवी बनी हुई है। लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 28 फीसदी पर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वे शॉर्ट्स को कवर करना शुरू कर सकते हैं,जिससे आगे और तेजी आती नजर आ सकती है